यूँ होता....तो क्या होता!

यहाँ आपको कुछ जन की और कुछ मन की बातें मिलेंगीं। सबकी मुस्कान बनी रहे और हम किसी भी प्रकार की वैमनस्यता से दूर रह, एक स्वस्थ, सकारात्मक समाज के निर्माण में सहायक हों। बस इतना सा ख्वाब है!

शुक्रवार, 14 अक्टूबर 2016

मिट्टी के रंग

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एक समय था, जब दिए सुनते ही मिट्टी की कटोरी से निकलती रौशनी बिखेरती बाती की तस्वीर आँखों में चमक भर देती थी। दीवाली से दिए का और कुम्हा...
शुक्रवार, 7 अक्टूबर 2016

एक क्लिक और खेल ख़त्म

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जबसे महसूस करना शुरू किया, तभी से लेखनी साथी बनी हुई है। अच्छे-बुरे, सुंदर-बदसूरत, यादगार, यहां तक कि आत्मा की गहराईयों तक चीरकर रख देने ...
गुरुवार, 30 जून 2016

'इमेजवा की फिक़र में'

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"आसमान ने बदली करवटें जब से  गिरती रही वादों पर बिजलियाँ झुलसी उम्मीदों के पत्तों से झूलती डाली बदहवास हैं ख़्वाबों की तितलियाँ...
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बुधवार, 15 जून 2016

'स्त्री-सशक्तिकरण'

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कल्पना शर्मा जी से मेरी मुलाक़ात ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर हुई। मई की तपती दोपहरी में करीब  एक बजे ट्रेन वहाँ पहुँची और मैं लगेज लेकर बाहर आ ...
गुरुवार, 26 मई 2016

एक अजीब- सी पोस्ट

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एक अजीब- सी पोस्ट/ लिंक इन दिनों खूब वायरल हो रही है। जिसमें मृतप्राय: पिता का उसकी बेटी के द्वारा जीवन बचाए जाने का पूरा किस्सा है। भावु...
शुक्रवार, 20 मई 2016

अजब-ग़ज़ब दुनिया

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अभी ट्रेन में चढ़ी ही थी। दो अलग अलग बोगियों में हम माँ-बेटी की टिकट। पुराने अनुभवों के अनुसार TC से बात का कोई फायदा नहीं था। सो, हर बार की...
बुधवार, 27 अप्रैल 2016

नालसरोवर

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यदि पक्षियों और खूबसूरती की दृष्टि से देखा जाए तो 'नालसरोवर' को मैं दुनिया की दस सबसे सुन्दर झीलों की श्रेणी में रखना चाहूँगी। यह ...
शनिवार, 26 मार्च 2016

ये उम्मीद इन दिनों तोड़ देती है......

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डॉ. नारंग की हत्या न तो सांप्रदायिक है और न ही आतंकवादी हमला। ये एक बार फिर 'इंसानियत' की मौत है। जहाँ लोगों के कानों तक किसी ...
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सोमवार, 14 मार्च 2016

पहने तो करता है,चुर्र...

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  आये दिन न्यूज़ चैनलों में ख़बरें रहतीं हैं कि फलाने, 'आम' आदमी ने ढिमके 'ख़ास' को जूता फेंककर मारा। ये बहुत गलत एवं निंदनीय...
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मंगलवार, 8 मार्च 2016

मैं सोचती रही, क्या कहूँ उसे...

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मैं सोचती रही, क्या कहूँ उसे... 'अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस' की शुभकामनाएँ, बोलना उतना ही आसान है जैसा कि 'स्वतंत्रता दिवस ...
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गुरुवार, 3 मार्च 2016

उन्हें पहले-सा कर दीजिये, प्लीज!

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गीली तौलिया को पलंग पर रखे बिना ही  सुखा आते हैं आँगन में चिड़ियों का पानी रखते हुए सोफे के नीचे छुपे जूते की, वो बदबूदार मोज़े  अब ...
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शनिवार, 27 फ़रवरी 2016

ताज्जुब नहीं!

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"12 -14 वर्ष की लड़कियों के साथ सबसे ज्यादा बलात्कार होता है, आपको मौका मिले आप भी नहीं छोड़ेंगे" - पप्पू यादव  जब तक इन महानुभा...
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गुरुवार, 25 फ़रवरी 2016

रेलगाड़ी -रेलगाड़ी

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सुना है रेल बजट आ रहा है, पूरा यक़ीन है कि रेल से जुडी यह एकमात्र बात है जो अपने निर्धारित समय पर होती है। बाकी जो है, सो हम और आप जानते ह...
बुधवार, 24 फ़रवरी 2016

सलाम, नीरजा!

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एक समय था जब मैं बहुत फ़िल्में देखती थी। अच्छी फिल्मों के शानदार सीन दिलो-दिमाग पर अगली अच्छी फिल्म देख लेने तक छाए रहते थे। किसी के गीत, गु...
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गुरुवार, 28 जनवरी 2016

सफ़र में....

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ट्रेन की खिड़की से सर को टिकाये बैठी मैं झांकती हूँ बंद खिड़कियों से. वही खेत-खलिहान, कुछ कच्चे मकान, सदियों पुराने उन्हीं विज्ञापनों से रंगी...
सोमवार, 4 जनवरी 2016

लेखन मेरी प्राणवायु

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शब्द ही शब्द मंडराते हैं हर तरफ, सहेजना चाहती हूँ उन्हें, गागर में सागर की तरह, वक़्त की धूल कभी आँखों में किरकिरी बन नमी ला देती है, तो कभी...
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रविवार, 3 जनवरी 2016

साँसों की पतवार

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अहमियत 'साथ' की उतनी नहीं होती जितनी कि साथ होने के अहसास की होती है! 'मैं हूँ न' की आश्वस्ति से अधिक किसी को कुछ नहीं चा...
बुधवार, 30 दिसंबर 2015

सौदामिनी की याद में.....!

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वो अपने पिता की सबसे दुलारी थी. माँ की आँखों का तारा थी. उसका भाई, उसके लिए सारी दुनिया से लड़ सकता था. सब दोस्त उसके हँसमुख स्वभाव के का...
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बुधवार, 16 दिसंबर 2015

कुछ तो लोग कहेंगे..!

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अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को संवैधानिक अधिकार बताया जाता है और यह है भी। परन्तु सच्चाई सुनने के बाद की तिलमिलाहट भी जगजाहिर है। आख़िर क्या कि...
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गुरुवार, 19 नवंबर 2015

आह.…मेरे सपनों का भारत!

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इतिहास गवाह है, धार्मिकता की आड़ में सबसे ज़्यादा पाप और अत्याचार होते आए हैं।  अब 'प्रतिबंध' की राजनीति को लेकर सब कटिबद्ध हैं।...
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