यूँ होता....तो क्या होता!

यहाँ आपको कुछ जन की और कुछ मन की बातें मिलेंगीं। सबकी मुस्कान बनी रहे और हम किसी भी प्रकार की वैमनस्यता से दूर रह, एक स्वस्थ, सकारात्मक समाज के निर्माण में सहायक हों। बस इतना सा ख्वाब है!

शनिवार, 18 फ़रवरी 2017

ऐसे भी कोई जाता है क्या!

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दस वर्ष से भी अधिक समय हुआ जब मैं उनसे पहली बार मिली थी। मिलना भी क्या, इसे टकराना ही कहना उचित होगा। ठीक पौने ग्यारह बजे मैं अपने घर से जि...
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मंगलवार, 14 फ़रवरी 2017

आ तो प्रेम छे!

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आ तो प्रेम छे गणित को मुख्य विषय न भी चुना हो और भले ही आप कला, वाणिज्य या किसी भी संकाय के विद्यार्थी/ शिक्षक रहे हों। पर आपका इन सम...
गुरुवार, 26 जनवरी 2017

हैप्पी वाला दिन

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आज सुबह जब योगा क्लास जा रही थी तो मौसम बेहद ख़ुशगवार था। हल्की-हल्की ठंडी हवा पर तो मैं पहले से ही निहाल हुई जा रही थी उस पर रास्ते में मि...
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सोमवार, 9 जनवरी 2017

AHMEDABAD FLOWER SHOW, 3-13 Jan. 2017

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अहमदाबाद फ्लॉवर शो हमेशा से ही ख़ास रहा है। मेरे लिए इस बार इसका महत्त्व और भी बढ़ गया क्योंकि इसमें हमारे बोन्साई क्लब का स्टॉल भी लगा है। ज...
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मंगलवार, 20 दिसंबर 2016

ईश्वर आज भी हड़ताल पर था!

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उनके घर पर हुई यह पहली मुलाक़ात थी पर इतना परिचय तो रहा है कि एक संस्था की मीटिंग्स में परस्पर अभिवादन होता था। उनके शब्द हमेशा भीगे हुए से ...
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शुक्रवार, 14 अक्टूबर 2016

मिट्टी के रंग

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एक समय था, जब दिए सुनते ही मिट्टी की कटोरी से निकलती रौशनी बिखेरती बाती की तस्वीर आँखों में चमक भर देती थी। दीवाली से दिए का और कुम्हा...
शुक्रवार, 7 अक्टूबर 2016

एक क्लिक और खेल ख़त्म

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जबसे महसूस करना शुरू किया, तभी से लेखनी साथी बनी हुई है। अच्छे-बुरे, सुंदर-बदसूरत, यादगार, यहां तक कि आत्मा की गहराईयों तक चीरकर रख देने ...
गुरुवार, 30 जून 2016

'इमेजवा की फिक़र में'

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"आसमान ने बदली करवटें जब से  गिरती रही वादों पर बिजलियाँ झुलसी उम्मीदों के पत्तों से झूलती डाली बदहवास हैं ख़्वाबों की तितलियाँ...
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बुधवार, 15 जून 2016

'स्त्री-सशक्तिकरण'

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कल्पना शर्मा जी से मेरी मुलाक़ात ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर हुई। मई की तपती दोपहरी में करीब  एक बजे ट्रेन वहाँ पहुँची और मैं लगेज लेकर बाहर आ ...
गुरुवार, 26 मई 2016

एक अजीब- सी पोस्ट

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एक अजीब- सी पोस्ट/ लिंक इन दिनों खूब वायरल हो रही है। जिसमें मृतप्राय: पिता का उसकी बेटी के द्वारा जीवन बचाए जाने का पूरा किस्सा है। भावु...
शुक्रवार, 20 मई 2016

अजब-ग़ज़ब दुनिया

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अभी ट्रेन में चढ़ी ही थी। दो अलग अलग बोगियों में हम माँ-बेटी की टिकट। पुराने अनुभवों के अनुसार TC से बात का कोई फायदा नहीं था। सो, हर बार की...
बुधवार, 27 अप्रैल 2016

नालसरोवर

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यदि पक्षियों और खूबसूरती की दृष्टि से देखा जाए तो 'नालसरोवर' को मैं दुनिया की दस सबसे सुन्दर झीलों की श्रेणी में रखना चाहूँगी। यह ...
शनिवार, 26 मार्च 2016

ये उम्मीद इन दिनों तोड़ देती है......

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डॉ. नारंग की हत्या न तो सांप्रदायिक है और न ही आतंकवादी हमला। ये एक बार फिर 'इंसानियत' की मौत है। जहाँ लोगों के कानों तक किसी ...
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सोमवार, 14 मार्च 2016

पहने तो करता है,चुर्र...

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  आये दिन न्यूज़ चैनलों में ख़बरें रहतीं हैं कि फलाने, 'आम' आदमी ने ढिमके 'ख़ास' को जूता फेंककर मारा। ये बहुत गलत एवं निंदनीय...
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मंगलवार, 8 मार्च 2016

मैं सोचती रही, क्या कहूँ उसे...

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मैं सोचती रही, क्या कहूँ उसे... 'अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस' की शुभकामनाएँ, बोलना उतना ही आसान है जैसा कि 'स्वतंत्रता दिवस ...
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गुरुवार, 3 मार्च 2016

उन्हें पहले-सा कर दीजिये, प्लीज!

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गीली तौलिया को पलंग पर रखे बिना ही  सुखा आते हैं आँगन में चिड़ियों का पानी रखते हुए सोफे के नीचे छुपे जूते की, वो बदबूदार मोज़े  अब ...
3 टिप्‍पणियां:
शनिवार, 27 फ़रवरी 2016

ताज्जुब नहीं!

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"12 -14 वर्ष की लड़कियों के साथ सबसे ज्यादा बलात्कार होता है, आपको मौका मिले आप भी नहीं छोड़ेंगे" - पप्पू यादव  जब तक इन महानुभा...
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