यूँ होता....तो क्या होता!

यहाँ आपको कुछ जन की और कुछ मन की बातें मिलेंगीं। सबकी मुस्कान बनी रहे और हम किसी भी प्रकार की वैमनस्यता से दूर रह, एक स्वस्थ, सकारात्मक समाज के निर्माण में सहायक हों। बस इतना सा ख्वाब है!

मंगलवार, 28 अगस्त 2018

भुजरियाँ

›
मध्यप्रदेश में रक्षाबंधन के अगले दिन एक बड़ा प्यारा पर्व मनाया जाता है, भुजरिया। इसे भुजरियाँ या कजलिया भी कहा जाता है। संभवतः यह अन्य ...
4 टिप्‍पणियां:
सोमवार, 20 अगस्त 2018

Wish List

›
मुझे हर विषय में रुचि है, सिवाय भूगोल के. यूँ हमेशा से पढ़ाकू और अच्छी विद्यार्थी रही हूँ पर न जाने क्यों ये भूगोल गोल ही हो जाता है. मु...
2 टिप्‍पणियां:
सोमवार, 13 अगस्त 2018

मुल्क

›
जब स्कूल में पढ़ते थे तो कभी-कभार बच्चों को फ़िल्म भी दिखाई जाती थी. 'मुल्क' ऐसी ही फ़िल्म है जो अगर स्कूल न दिखाए तो आप अपने बच्चों ...
7 टिप्‍पणियां:
शनिवार, 11 अगस्त 2018

#अंडमान_डायरी

›
अंडमान जाकर आप एक क़सक के साथ न लौटें, यह तो संभव ही नहीं क्योंकि एक ओर जहाँ इसके द्वीपों का अप्रतिम प्राकृतिक सौंदर्य आपको मंत्रमुग्ध कर दे...
2 टिप्‍पणियां:
सोमवार, 6 अगस्त 2018

प्रकृति, विभाजन में विश्वास नहीं रखती!

›
सूरज कभी भी अपने नाम की तख़्ती लिए नहीं घूमता और न ही चाँद अपनी सूरत को देख स्वयं आहें भरा करता है। जीवनदायिनी प्राणवायु सरसराती हुई किसी तप...
5 टिप्‍पणियां:
रविवार, 5 अगस्त 2018

मित्रता दिवस

›
'मित्रता दिवस' के मनाये जाने से उन लोगों के पेट में एक बार फिर से जबरदस्त मरोड़ उठ सकती है जो वैलेंटाइन डे को मातृ-पितृ दिवस और क्रि...
2 टिप्‍पणियां:
मंगलवार, 31 जुलाई 2018

दो मिनट मौन

›
बकरी का किस्सा जब सुनने में आया तब समझ से बाहर था कि इसे क्या कहा जाए! क्योंकि इस घटना के सामने 'पाशविकता' एक सभ्य शब्द लगने लगता ह...
गुरुवार, 26 जुलाई 2018

रोटी

›
'मृत्यु' बिकाऊ है और बेहद आसान भी! पैसों की गर्मी ने, संवेदनाओं को सोख लिया है। रुपया ही बोलता है, वही चलता है! जीवन उसी को कमाने...
बुधवार, 25 जुलाई 2018

मृत्यु तो नूतन जनम है, हम तुम्हें मरने न देंगे!

›
वे कहते थे, 'मानव होना भाग्य है, कवि होना सौभाग्य' यदि आपको कविता पसंद है तो आपने गोपालदास नीरज को अवश्य पढ़ा होगा, यदि संगीत के प्...
2 टिप्‍पणियां:
बुधवार, 18 जुलाई 2018

उम्मीदों की टूटती इमारतें

›
'रोटी, कपड़ा और मकान' जीवन की मूलभूत आवश्यकता है. मेहनत से रोटी और कपड़े की व्यवस्था तो हो जाती है पर दो दशक पहले तक मध्यमवर्गीय इंसा...
4 टिप्‍पणियां:
शुक्रवार, 13 जुलाई 2018

मेरा शहर

›
यह प्रश्न कि आप कहाँ की हो या कि आपका शहर कौन-सा है? सदैव ही असमंजस में छोड़ जाता है मुझे, अजीब लग सकता है पर मैं जब-जब होती हूँ जहाँ-जहाँ, ...
सोमवार, 9 जुलाई 2018

संजीव कुमार: इस मोड़ से जाते हैं....!

›
"सुनो, आरती! ये जो फूलों की बेलें नजर आती हैं न; दरअसल ये बेलें नहीं हैं अरबी में आयतें लिखी हैं इसे दिन के वक़्त देखना चाहिए, बिल...
13 टिप्‍पणियां:
गुरुवार, 5 जुलाई 2018

संजू: 'नौ सौ चूहे खाकर बिल्ली हज़ को चली।'

›
'संजू' फ़िल्म प्रारम्भ में ही यह लिखकर अपनी सारी ज़िम्मेदारियों से पल्ला झाड़ स्वयं को सुरक्षित कर लेती है कि "यह आत्मकथा नहीं...
सोमवार, 2 जुलाई 2018

मंदसौर रेप: ये सूची कब ख़त्म होगी?

›
मंदसौर की सम्पूर्ण घटना का विवरण इतना क्रूर और जघन्य है कि उसे बोलते समय आपकी ज़बान साथ छोड़ देती है. शब्द लड़खड़ाकर न बोले जाने की भीख मांगते ...
रविवार, 1 जुलाई 2018

'संजू': संजू बने रनबीर को दर्शकों के प्यार से मालामाल करेगी या संजू बाबा को?

›
आज भारत में ही नहीं बल्कि देश के बाहर भी रनबीर कपूर के प्रशंसकों की संख्या अपार है, और इसका कारण उनकी चाकलेटी छवि नहीं बल्कि 'रॉकस्टार...
1 टिप्पणी:
‹
›
मुख्यपृष्ठ
वेब वर्शन देखें

मेरे बारे में

मेरी फ़ोटो
Preeti 'Agyaat'
Somewhere on Earth... Still Alive !
मेरा पूरा प्रोफ़ाइल देखें
Blogger द्वारा संचालित.