यूँ होता....तो क्या होता!

यहाँ आपको कुछ जन की और कुछ मन की बातें मिलेंगीं। सबकी मुस्कान बनी रहे और हम किसी भी प्रकार की वैमनस्यता से दूर रह, एक स्वस्थ, सकारात्मक समाज के निर्माण में सहायक हों। बस इतना सा ख्वाब है!

गुरुवार, 6 अक्टूबर 2022

जब रावण की लगी लंका!

›
कल का दिन रावण के लिए कुछ ठीक नहीं गया। माना कि उसकी पुण्यतिथि की शुभकामनाओं वाला दिन था पर इसका ये मतलब थोड़े न कि हर कोई उसे लपेटे में ले ल...
4 टिप्‍पणियां:
बुधवार, 5 अक्टूबर 2022

‘विजयादशमी’ का संदेश वैश्विक है

›
विविध संस्कृतियों से सुसज्जित हमारा देश मूलतः उत्सवधर्मी देश है। जीवन में निरंतर उत्साह और उल्लास बना रहे, सब मिल-जुलकर सुख से रहें, ईर्ष्या...
रविवार, 2 अक्टूबर 2022

बुलेटप्रूफ है गाँधीवाद, गाँधी भी नहीं मरे थे!

›
 कैसी विडंबना है कि जिस व्यक्ति की जयंती सारी दुनिया अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में मनाती है, उनकी मृत्यु हिंसात्मक तरीक़े से हुई. यह ग...
2 टिप्‍पणियां:
सोमवार, 19 सितंबर 2022

सूरज और चाँद

›
 रात भर पूरी मुस्तैदी से अपनी ड्यूटी निभाता चाँद, जब सुबह उबासियाँ लेते हुए चाय की एक प्याली तलाश करता है तो पहाड़ी के पीछे से अंगड़ाइयों को त...
3 टिप्‍पणियां:
शुक्रवार, 9 सितंबर 2022

जीना है बेकार जिसके घर में न लुगाई!

›
ईवेंट मैनेजमेंट और 'डी. जे. वाले बाबू मेरा गाना चला दो', के पदार्पण से पहले घर-परिवार की शादियों में सारी रौनक़ इसी सब से थी। कभी-कभा...

हमारे अस्तित्व और संस्कृति की सुगंध हिन्दी में ही है

›
 हिन्दी दिवस आ रहा है। अब एक बार फिर ‘हिन्दी मेरी माँ है’, ‘हिन्दी बचाओ’ जैसे नारों से आभासी मंचों की दीवारें रंगी जाएंगीं। परिणाम? वही ढ़ाक ...

केबीसी की सफ़लता में उसके शानदार विज्ञापनों और टैगलाइन का योगदान भी कम नहीं!

›
केबीसी का चौदहवाँ सीजन शुरू हो गया है। यही एक ऐसा शो है, जिसकी सफ़लता उसके आने के पहले ही सुनिश्चित हो जाती है और दर्शकों को इसका बेसब्री से ...
गुरुवार, 8 सितंबर 2022

राखी की विकास यात्रा

›
राखी की भी अपनी विकास यात्रा है। आज की रेशमी धागे संग रुद्राक्ष वाली स्लिम-ट्रिम राखी, कभी बड़ी हट्टी-कट्टी हुआ करती थी। पूरे 3-Tier वाली समझ...

स्वतंत्र भारत और श्रव्य-दृश्य माध्यमों के बदलते परिदृश्य

›
स्वतंत्रता की हीरक जयंती माह में जब पीछे पलटकर देखती हूँ तो तमाम सुनहरी स्मृतियाँ आँखों में तैरने लगती हैं। पढ़ाई, लिखाई, खेलकूद, घर-परिवार स...

केके मात्र गायक नहीं, एक इमोशन थे

›
पार्श्वगायक के.के. नहीं रहे! यह खबर जबसे मिली है, मन शोक में डूबा है। यह ठीक वैसा ही अहसास है जैसा श्रीदेवी और इरफ़ान के गुजर जाने की खबर सुन...

करोगे याद तो, हर बात याद आएगी!

›
फरवरी माह में जब लता जी ने इस दुनिया से विदाई ली तो सबकी जुबां पर सर्वप्रथम स्वर साम्राज्ञी का गीत ‘नाम गुम जाएगा’ ही आया। समाचारों ने भी इस...

ध्यान रहे! असंसदीय शब्द पर बैन लगा है, व्यवहार पर नहीं!

›
खेत से तोड़ी गई सब्जी से भी ज्यादा ताजा घटना है. अब जब घटित हो ही चुकी है तो हमारा भी दायित्व बनता है कि निर्मल भाव से इस घटना प्रधान युग के ...
‹
›
मुख्यपृष्ठ
वेब वर्शन देखें

मेरे बारे में

मेरी फ़ोटो
Preeti 'Agyaat'
Somewhere on Earth... Still Alive !
मेरा पूरा प्रोफ़ाइल देखें
Blogger द्वारा संचालित.