यूँ होता....तो क्या होता!

यहाँ आपको कुछ जन की और कुछ मन की बातें मिलेंगीं। सबकी मुस्कान बनी रहे और हम किसी भी प्रकार की वैमनस्यता से दूर रह, एक स्वस्थ, सकारात्मक समाज के निर्माण में सहायक हों। बस इतना सा ख्वाब है!

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सोमवार, 3 अगस्त 2020

#विश्व संस्कृत दिवस: संस्कृत और संस्कृति

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'संस्कृत' यह शब्द सुनते ही मंत्रोच्चार की मधुर ध्वनि संगीत की तरह तरंगित बजने लगती है. विद्यार्थी दिनों के रटे हुए श्लोक स्वत: ही उच...
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Preeti 'Agyaat'
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