यूँ होता....तो क्या होता!

यहाँ आपको कुछ जन की और कुछ मन की बातें मिलेंगीं। सबकी मुस्कान बनी रहे और हम किसी भी प्रकार की वैमनस्यता से दूर रह, एक स्वस्थ, सकारात्मक समाज के निर्माण में सहायक हों। बस इतना सा ख्वाब है!

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बुधवार, 1 अक्टूबर 2025

कलम का मूल्य: प्रेमचंद की पीड़ा से विनोद कुमार शुक्ल की प्रसन्नता तक

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हाल ही में हिंदी के वरिष्ठ कथाकार और कवि विनोद कुमार शुक्ल को उनके लेखन के एवज में लगभग तीस लाख रुपये की रॉयल्टी प्राप्त हुई। यह समाचार हिंद...
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सोमवार, 19 सितंबर 2022

सूरज और चाँद

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 रात भर पूरी मुस्तैदी से अपनी ड्यूटी निभाता चाँद, जब सुबह उबासियाँ लेते हुए चाय की एक प्याली तलाश करता है तो पहाड़ी के पीछे से अंगड़ाइयों को त...
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Preeti 'Agyaat'
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