यूँ होता....तो क्या होता!

यहाँ आपको कुछ जन की और कुछ मन की बातें मिलेंगीं। सबकी मुस्कान बनी रहे और हम किसी भी प्रकार की वैमनस्यता से दूर रह, एक स्वस्थ, सकारात्मक समाज के निर्माण में सहायक हों। बस इतना सा ख्वाब है!

ज़ाकिर हुसैन लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
ज़ाकिर हुसैन लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
मंगलवार, 17 अक्टूबर 2017

हम चाँद को छूने में खजूर पे हैं लटके

›
यदि आप सच्चे भारतीय रहे हैं और दूरदर्शन युग में जन्मे हैं तो उस्ताद ज़ाकिर हुसैन साब का वह विज्ञापन अभी तक न भूले होंगें जिसमें वे एक बच्चे ...
›
मुख्यपृष्ठ
वेब वर्शन देखें

मेरे बारे में

मेरी फ़ोटो
Preeti 'Agyaat'
Somewhere on Earth... Still Alive !
मेरा पूरा प्रोफ़ाइल देखें
Blogger द्वारा संचालित.